Sangharsho Me Bita Jeevan

By Sanjeev Singhai. जीवन का इतिहास यही है जीवन की अनबूझ राहों में, चलते-चलते यह बनजारा, गाता जाये गीत विरह के, जीवन का इतिहास यही है. यौवन की ऑंखों से देखे, वे सारे स्‍वप्निल सपने थे, जिन-जिन से नाता जोडा था, वे भी तो सारे अपने थे. सबके सब हरजाई निकले, जीवन का परिहास यही […]