By Sanjeev Singhai.

Tribute to Shaharyar: Legendary Urdu poet and academician Prof Akhlaq Mohammed Khan ‘Shaharyar’ died on 13th Feb 2012 at his residence in Aligarh. Tributes.

जिन्दगी जैसी तमन्ना थी नहीं कुछ कम है
हर घडी होता है एहसास कहीं कुछ कम है

घर की तामीर तसवुर ही में हो सकती है
अपने नक्से के मुताबिक ये ज़मीं कुछ कम है

बेचारे लोगों से मुलाक़ात कभी फिर होगी
दिल में उम्मीद तो काफी है यकीन कुछ कम है

अब जिधर देखिये लगता है की इस दुनिया में
कहीं कुछ चीज ज्यादा है कहीं कुछ कम है

आज भी है तेरी दूरी ही उदासी का सबब
ये अलग बात की पहली सी नहीं कुछ कम है

शहरयार

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